राहतः दिवाली से पहले थोक महंगाई दर में कमी; फिर भी प्याज, अंडा और मीट हुआ महंगा

 

दिवाली से पहले आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार की ओर से राहत की खबर आई है। सितंबर 2017 में थोक महंगाई दर घटकर 2.60 फीसदी पर आ गई। अगस्‍त में यह 3.24 फीसदी पर थी, जो कि चार माह के सबसे ऊंचे स्तर पर था। सितंबर महीने में सब्‍जियों के दाम 15.48 पर पहुंच गए हैं। अगस्‍त में ये 44.91 के स्‍तर पर था।
थोक महंगाई में लगातार दो माह की तेजी के बाद पहली गिरावट दर्ज की गयी है। अगस्त में यह चार महीने के उच्चतम स्तर 3.24 प्रतिशत पर रही थी। इससे पहले जुलाई में यह 1.88 प्रतिशत रही थी। पिछले साल सितंबर में थोक महंगाई दर 1.36 प्रतिशत दर्ज की गयी थी। सरकार द्वारा आज यहां जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल सितंबर की तुलना में इस साल सितंबर में खाद्य पदार्थो के दाम 2.04 प्रतिशत की मामूली दर से बढ़े हैं। इस श्रेणी में महंगाई दर कम रहने का मुख्य कारण दालों के दाम एक साल पहले की तुलना में 24.26 प्रतिशत और आलू के 46.52 प्रतिशत घटना रहा है। गेहूँ की कीमतों में 1.71 प्रतिशत और मोटे अनाजों में 0.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।

सब्जियों के दाम घटने का मिला फायदा
सितंबर में थोक महंगाई दर कम होने में सब्जियों के दाम में आई कमी ने सहारा दिया है। महीने दर महीने आधार पर सितंबर में खाने पीने की चीजों की थोक महंगाई दर 1.99 पर आ गई है। इससे पहले महीने यह 4.41 फीसदी पर थी।
सितंबर 2017 में फूड आर्टि‍ल्‍स की थोक महंगाई दर गिरकर 2.04 फीसदी रह गई, जो अगस्‍त में 5.75 फीसदी थी। थोक महंगाई दर में फूड इन्‍फ्लेशन की हिस्‍सेदारी 15.26 फीसदी है। सितंबर में सब्जियों के दाम गिरे हैं। सब्जियों की थोक महंगाई गिरकर 15.48 फीसदी रह गई, जो अगस्‍त में 44.91 फीसदी पर थी। फलों की थोक महंगाई भी पिछले महीने गिरकर 2.93 फीसदी पर आ गई जो अगस्‍त में 7.35 फीसदी थी।

प्‍याज, अंडा, मीट हुआ महंगा
हालांकि प्‍याज के दामों में सितंबर में राहत नहीं दिखी। सितंबर महीने में प्‍याज के दाम 79.78 फीसदी के स्‍तर पर पहुंच गए। वहीं, अंडे, मीट और मछलियों के दाम 5.47 फीसदी के स्‍तर पर रहे। अंडा,मीट,मछली के दाम बढ़े सितंबर में प्रोटीन प्रोडक्‍ट्स अंडा, मीट और मछली की थोक महंगाई बढ़ी है। सितंबर में इसकी महंगाई दर 5.47 फीसदी रही, जो अगस्‍त में 3.93 फीसदी थी। मिनरल्‍स की महंगाई में गि‍रावट दर्ज की गई है। पिछले महीने मिनरल्‍स की थोक महंगाई दर -7.73 फीसदी दर्ज की गई, जून में यह आंकड़ा 24.84 फीसदी पर था। आलू, दाल और गेहूं की थोक महंगाई सितंबर में भी शून्‍य से नीचे बनी रही। यह क्रमश: -46.52 फीसदी, -24.26 और -1.71 फीसदी दर्ज की गई।

ईंधन के मोर्चे पर भी मिली राहत
ईंधन और पावर सेक्‍टर की बात करें, तो यहां भी महंगाई से राहत मिली है। सितंबर महीने में इस सेक्‍टर के लिए महंगाई 9.01 फीसदी पर रही। अगस्‍त में यह 9.99 फीसदी थी। पेट्रोल के थोक दाम गिरे लेकिन एलपीजी के बढ़ें हैं। पेट्रोल की महंगाई अगस्‍त के 24.55 फीसदी के मुकाबले सितंबर में 15.79 फीसदी रही। वहीं, एलपीजी की महंगाई अगस्‍त के 5.33 फीसदी की तुलना में सितंबर में बढ़कर 20.75 फीसदी हो गई है।

दाल की कीमतों में कमी
वहीं दलहन के दाम सितंबर में 24.26% नीचे आए। आलू की कीमतों में 46.52% तथा गेहूं में 1.71% की गिरावट दर्ज की गई।

मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर को नहीं मिली राहत
मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर के लिए थोक महंगाई के मोर्चे पर राहत नहीं मिली है। सितंबर में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की थोक महंगाई दर 2.45 फीसदी से बढ़कर 2.72 हो गई है।

अगस्‍त में चार महीने के उच्‍च स्‍तर पर पहुंची थी दर
थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अगस्त में चार महीने के उच्चस्तर 3.24% पर पहुंच गई थी। सितंबर, 2016 में यह 1.36% पर थी। खुदरा महंगाई दर सितंबर में अगस्त के 3.28 फीसदी के स्तर पर ही बनी रही।

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