एसिड अटैक पीड़ितों को साउथ MCD की सौगात, मिलेगी नौकरी साउथ एमसीडी ने एसिड अटैक पीड़ितों को एक बड़ी सौगात दी है. स्थाई समिति के बाद अब निगम के सदन ने भी उस प्रस्ताव को पास कर दिया है जिसमें एसिड अटैक से पीड़ित लड़कियों को नौकरी देने की बात की गई है. दरअसल, साउथ एमसीडी की स्थाई समिति में प्रस्ताव लाया गया था कि एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को डेली वेजर यानी दैनिक वेतन के रूप में निगम में नौकरी दी जाए. स्थाई समिति के सदस्यों ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए उसे पास कर दिया था, जिसके बाद ये प्रस्ताव चर्चा के लिए सदन में लाया गया था. सदन में भी प्रस्ताव अब पारित कर दिया गया है. साउथ दिल्ली की मेयर कमलजीत सहरावत के मुताबिक प्रस्ताव पारित हो चुका है और अब जब कभी भी साउथ एमसीडी में नौकरी के लिए आवेदन मांगे जाएंगे तो एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को उसमें प्राथमिकता दी जाएगी. आपको बता दें कि सितंबर में ही दिल्ली हाई कोर्ट ने एसिड अटैक से पीड़ित 5 महिलाओं को नौकरी दी थी. जिसके बाद से ही लगातार ये आवाज़ उठ रही थी कि सरकारी विभागों में भी एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को नौकरी में प्राथमिकता दी जाए. इसके अलावा इसी साल फरवरी में दिल्ली स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी में एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लॉवर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर नौकरी देने का फैसला किया था.

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साउथ एमसीडी ने एसिड अटैक पीड़ितों को एक बड़ी सौगात दी है. स्थाई समिति के बाद अब निगम के सदन ने भी उस प्रस्ताव को पास कर दिया है जिसमें एसिड अटैक से पीड़ित लड़कियों को नौकरी देने की बात की गई है.

दरअसल, साउथ एमसीडी की स्थाई समिति में प्रस्ताव लाया गया था कि एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को डेली वेजर यानी दैनिक वेतन के रूप में निगम में नौकरी दी जाए. स्थाई समिति के सदस्यों ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए उसे पास कर दिया था, जिसके बाद ये प्रस्ताव चर्चा के लिए सदन में लाया गया था. सदन में भी प्रस्ताव अब पारित कर दिया गया है.

साउथ दिल्ली की मेयर कमलजीत सहरावत के मुताबिक प्रस्ताव पारित हो चुका है और अब जब कभी भी साउथ एमसीडी में नौकरी के लिए आवेदन मांगे जाएंगे तो एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को उसमें प्राथमिकता दी जाएगी.

आपको बता दें कि सितंबर में ही दिल्ली हाई कोर्ट ने एसिड अटैक से पीड़ित 5 महिलाओं को नौकरी दी थी. जिसके बाद से ही लगातार ये आवाज़ उठ रही थी कि सरकारी विभागों में भी एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को नौकरी में प्राथमिकता दी जाए. इसके अलावा इसी साल फरवरी में दिल्ली स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी में एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लॉवर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर नौकरी देने का फैसला किया था.

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