दिल्ली के रोहिणी में 5वीं के छात्र की संदिग्ध हालत में मौत, परिजनों ने जमकर किया हंगामा

दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-20 स्थित एमसीडी स्कूल में पढ़ने वाले विशाल की संदिग्ध मौत से कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. विशाल के पिता रामबाबू का आरोप है कि स्कूल से लौटने के बाद विशाल ने गले और सीने में दर्द की शिकायत की थी. उसके साथ मारपीट की गई, जिसकी वजह से उनके बच्चे की मौत हुई है.

रामबाबू ने बताया कि घर पहुंचते ही विशाल ने स्कूल में उसके साथ हुई मारपीट के बारे में बताया था. परिवार के मुताबिक, पूरा मामला शुक्रवार का है और बच्चे की मौत शनिवार को हुई, जिसमें अस्पताल प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है. सोमवार सुबह नाराज अभिभावकों ने एमसीडी स्कूल के बाहर कई घंटों तक जमकर हंगामा किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए.

पुलिस ने स्कूल के बाहर बढ़ाई सुरक्षा

विशाल की मौत के बाद पुलिस पूछताछ के लिए जब एमसीडी स्कूल पहुंची तब बच्चों की छुट्टी का वक्त हो रहा था. प्राइमरी स्कूल होने की वजह से ज्यादातर अभिभावक बच्चों को लेने के लिए स्कूल आते हैं. पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल और टीचरों से पूछताछ शुरू भी नहीं की थी कि स्कूल के बाहर खड़े अभिभावकों को विशाल की मौत के बारे में जानकारी मिली. इस दौरान एमसीडी स्कूल के बाहर भीड़ काफी बढ़ गई, जिसे देखते हुए पुलिस को सुरक्षा बढ़ानी पड़ी.

विशाल के पिता भी पहुंचे स्कूल

अपने बच्चे की मौत की वजह जानने के लिए सोमवार को पिता रामबाबू भी स्कूल प्रिंसिपल से मुलाकात करने पहुंचे थे. रामबाबू ने बताया कि ‘प्रिंसिपल ने मारपीट की बात से पूरी तरह इनकार किया है और 50 हजार रुपये बतौर बीमा की रकम देने की बात कह रहे हैं, लेकिन हमें रुपये नही इंसाफ चाहिए.’ इस दौरान जब विशाल की मां स्कूल के बाहर पहुंची तो वह भावुक हो गई. वह अपने बच्चे को इंसाफ दिलाने की बात कहती नजर आईं.

50 हजार रुपये देने की बात पर भड़के लोग

एमसीडी स्कूल के बाहर खड़ी भीड़ को जब पता चला कि बच्चे की मौत पर 50 हजार रुपये देने की बात कही गई है तो लोगों को गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया. स्कूल के एंट्री गेट को धक्का मारकर भीड़ स्कूल के अंदर घुस गई और वहां रखी कुर्सियां फेंक दी. मौके पर मौजूद पुलिस को पूछताछ छोड़कर भीड़ को काबू करना पड़ा. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस नाराज अभिभावकों को स्कूल से बाहर निकालने में कामयाब हो पाई.

टीचर भी फंस गए थे स्कूल में

एमसीडी स्कूल के बाहर अभिभावकों की भीड़ पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी. स्कूल का वक्त 1 बजे खत्म हो चुका था लेकिन नाराज लोगों की वजह से तमाम टीचरों का निकलना मुश्किल हो गया. करीब एक घंटे के बाद पुलिस ने भीड़ को स्कूल से हटाने की कोशिश की और कड़ी सुरक्षा के बीच टीचरों को रवाना किया गया. इसके तुरंत बाद पुलिस स्कूल प्रिंसिपल को पूछताछ के लिए बेगमपुर थाने ले गई.

प्रिंसिपल ने परिवार के आरोपों को नकारा

परिवार के आरोपों पर जवाब देते हुए प्रिंसिपल कुलवीर खत्री ने कहा कि स्कूल में ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ था. विशाल के साथ किसी ने मारपीट नहीं की. स्कूल के सभी टीचर अच्छे हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. विशाल की मौत ने स्कूल की लचर व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों में लापरवाही को उजागर किया है. एमसीडी स्कूल प्रशासन पर काफी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. विशाल की मौत से स्वास्थ्य पर बेहिसाब खर्च करने वाली दिल्ली सरकार के अस्पताल भी सवालों के घेरे में हैं. परिवार इंसाफ की मांग कर रहा है और पूछ रहा है कि आखिर विशाल को किसने मारा?

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