निशाने पर हाईवे-सड़क : कोहराम मचा रहा एक्सल मार गिरोह

 

यमुना एक्सप्रेस वे, हाईवे और सड़कों पर एक्सल मार गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह सड़कों से गुजरने वाले वाहनों को निशाना बना रहा है। गिरोह चलते वाहन पर एक्सल फेंककर मारता है। जिससे कार सवार को लगता है कि गाड़ी का कोई पुर्जा टूट गया है। जांच करने के लिए ड्राइवर कार को रोक लेता है जिसके बाद गिरोह उसको निशाना बनाता है। यमुना एक्सप्रेस वे, नेशनल हाईवे और जिले की सड़कों पर तो बाकायदे एक्सल गिरोह से सावधान रहने के इश्तहार लगाए गए हैं।
इससे बचने के लिए पुलिस ने यात्रियों के लिए जेवर टोल प्लाजा और इंटरचेंज पर नोटिस चस्पा किए हैं। इसमें लिखा है कि किसी चीज के वाहन से टकराने की आवाज होने पर वाहन नहीं रोकें। इससे आपके साथ लूट और हत्या जैसी वारदात हो सकती है। इस नोटिस के बाद से यहां से गुजरने वाले वाहन चालक सावधानी बरतने लगे हैं।
हालांकि पहली बार इससे गुजरने वाले कई लोग अभी भी बदमाशों की इस हरकत के झांसे में आ जाते हैं। अफसरों का भी मानना है कि जबसे यात्रियों को सावधान करने वाले ये नोटिस लगाए गए हैं, तब से एक्सलमार गिरोह की यमुना एक्सप्रेस वे पर वारदातों में कमी आई है।

दो जिलों को जोड़ने वाले मार्ग पर लुटेरों का राज

रात में खतरनाक
जेवर-बुलंदशहर मार्ग कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह मार्ग यमुना एक्सप्रेस वे और नेशनल हाईवे-91 को एक-दूसरे से जोड़ता है। गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर जिलों के बीच यह बड़ा मार्ग है और दोनों जिलों को हरियाणा से जोड़ता है। इस पर ट्रैफिक भी ज्यादा है, इसके बावजूद पुलिस की चौकसी इससे नदारद है। इसी कारण रात होते ही लुटेरे इस मार्ग पर हावी हो जाते हैं। जेवर से बुलंदशहर की दूरी करीब 44 किलोमीटर है। यह रास्ता दोहरा है और दोनों जिलों को जोड़ता है। यह सिकंदराबाद और बुलंदशहर में नेशनल हाईवे 91 तक जाता है। जेवर में इंटरचेंज के जरिए नेशनल हाईवे को यमुना एक्सप्रेस वे से जोड़ता है।
बुलंदशहर गैंगरेप के बाद ऐसे सारे रास्तों पर पुलिस को गश्त बढ़ाने का शासन ने आदेश दिया था लेकिन अब सारे आदेश हवा हो चुके हैं। इन पर अमल नहीं हो रहा। बुधवार की रात भी यहां पुलिस की पीसीआर गश्त पर नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस यमुना एक्सप्रेस वे इंटरचेंज के नीचे खड़ी रहती है। उससे आगे नहीं बढ़ती। पुलिस का डर नहीं होने से अपराधी यहां बेखौफ घूमते हैं
नौकरी पेशा लोगों के लिए एकमात्र रास्ता: बुलंदशहर, सिकंदराबाद, जेवर, ककोड़, रबूपुरा, जहांगीरपुर, झाझर समेत आसपास के कस्बों के लोग नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में नौकरी करते हैं। इन लोगों के लिए यह एकमात्र रास्ता है। इसी कारण ज्यादा लोगों को बदमाश निशाना बनाने में कामयाब हो जाते हैं। पुलिस ज्यादातर ऐसे मामलों को दर्ज भी नहीं करती।

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