एंड्रॉयड ओ : एप के अंदर चलेगा एप

 

गूगल की सालाना क्रान्फ्रेंस ‘गूगल आईओ’ के दौरान कंपनी ने अपने नए मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) ‘एंड्रॉयड ओ’ को लॉन्च किया है। ‘एंड्रॉयड ओ’ को भविष्य की जरूरत के मद्देनजर तैयार किया गया है। इससे एक समय में दो एप्लीकेशन इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इस फीचर का नाम पिक्चर इन पिक्चर (पीआईपी) मोड है। इस ओएस का अपडेट साल के अंत तक यूजर को मिलने लगेगा। आइए जानते हैं ‘एंड्रॉयड ओ’ के फीचर के बारे में…
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने सालाना कॉन्फ्रेंस आईओ में कहा कि एंड्रॉयड नॉगट ऑपरेटिंग सिस्टम की जगह ‘एंड्रॉयड ओ’ लेगा। एंड्रॉयड ओ में पिक्चर इन पिक्चर मोड है जिससे यूजर अपने स्मार्टफोन या टैबलट पर एक समय में दो एप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यूजर विडियो कॉलिंग करते हुए या फिर विडियो देखते हुए एक ही वक्त पर बैकग्राउंड में किसी अन्य एप पर काम कर सकते हैं। मिसाल के तौर अगर आप एक ही समय में दो दोस्तों से बात करना चाहते हैं तो एक तरफ व्हॉट्सएप खोलकर रखें और दूसरी ओर विडियो कॉल पर किसी अन्य दोस्त से जुडे़ रहें। ऐसे में आप दो एप को एक साथ चला सकते हैं। वर्तमान समय में दो एप या उससे अधिक का इस्तेमाल करने के लिए फोन स्क्रीन पर से एक को हटाना पड़ता है। कंपनी ने कहा कि ‘एंड्रॉयड ओ’ मल्टी टास्क फीचर देता है जो सभी आकार के स्क्रीन को सपोर्ट करेगा।
स्मार्ट टेक्स्ट सिलेक्शन
गूगल की ‘एडवांस मशीन लर्निंग टेक्नीक्स’ का इस्तेमाल करते हुए एंड्रॉयड ओ टेक्स्ट को सिलेक्ट करके यह पहचान कर लेगा कि वह घर या ऑफिस का पता है या किसी ईमेल आईडी का कॉन्टेक्ट नंबर। इसके बाद वह उससे संबंधित विकल्प की सलाह देता है। मिसाल के तौर पर अगर वह कॉन्टेक्ट है तो स्क्रीन पर कॉल, मैसेज या फोन बुक में सेव करने का विकल्प आएगा। अगर आप सेव करने के विकल्प पर क्लिक करते हैं तो मात्र एक क्लिक से वह कॉन्टेक्ट आपकी फोनबुक में सेव हो जाएगा।
खुद बंद हो जाएंगे बैकग्राउंड एप
एंड्रॉयड ‘ओ’ ओएस के आ जाने के बाद स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ में इजाफा होगा। कंपनी ने बैटरी लाइफ बढ़ाने के लिए बैकग्राउंड एप की सीमा निर्धारित की है। टेक जगत के मुताबिक अब तक बैकग्राउंड में जो एप चलते रहते थे नए एंड्रॉयड ‘ओ’ में उनकी एक सीमा निर्धारित की गई है। बैकग्राउंड में चल रहे एप की संख्या अगर तय सीमा से ज्यादा होती है तो उनमें से पुराने एप्लीकेशन खुद-ब-खुद बंद होने लगेंगे। यह ठीक आईओएस की तर्ज पर तैयार किया गया फीचर है। बैकग्राउंड एप्लीकेशन वह एप होते हैं जो फोन स्क्रीन पर तो दिखाई नहीं देते मगर वह बैकग्राउंड में चलते रहते हैं।
मददगार साबित होगा ऑटोफिल
एंड्रॉयड ओ ऑपरेटिंग सिस्टम में ऑटोफिल को बेहतर किया जाएगा। इससे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और ट्रेन टिकट बुकिंग जैसी सुविधा में आसानी होगी। इस फीचर के आने के बाद यूजर को जानकारी बार-बार दर्ज करने की जरूरत नहीं होगी जबकि एक बार दर्ज जानकारी को आगे इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक ऑटोफिल यूजर डाटा स्टोर करके दूसरे एप के लिए इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
आइकन का आकार खुद बदल सकेंगे
एंड्रॉयड ‘ओ’ में एप और सेटिंग के आइकन का आकार बदलने की सुविधा दी जाएगी। इन आइकन को आप अपने मनमुताबिक सेट किया जा सकता है। ये आइकन गोल, त्रिभुजाकार और वृत्ताकार आकार में ढाले जा सकते हैं। साथ ही इसमें बेहतर फॉन्ट का भी विकल्प दिया जाएगा जो कई यूजरों को पसंद आ सकता है।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s