अब नहीं बचेंगे आतंकीः कश्मीर में 15 साल का सबसे बड़ा ऑपरेशन, लगे 4000 जवान

 
घाटी में बढ़ रहे आतंकी हमले, बैंक लूट, सुरक्षा बलों और पुलिस पर हमले को देखते हुए सेना ने कमर कस लिया है। सेना ने आतंकियों के पूरी तरह से खात्मे के लिए अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ा है। इस ऑपरेशन में 4 हजार से ज्यादा जवान उतारे गए हैं। इसके अलावा कश्मीर के शोपियां जिले में हेलिकॉप्टर और ड्रोन भी आसमान से आतंकियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। बताया जा रहा है कि कश्मीर में ऐसा ऑपरेशन पिछले 15 साल में नहीं हुआ।
एक अंग्रेजी अखबार की मानें तो सेना के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 15 साल में कश्मीर का ये सबसे बड़ा ऑपरेशन है। दरअसल गुरुवार की शाम को इस ऑपरेशन में भाग लेने वाले 62 राष्ट्रीय रायफल्स की टुकड़ी को ले जा रही सेना की गाड़ी पर आतंकियों ने इमाम शबीब क्षेत्र में हमला कर दिया था। इस हमले में एक आम नागरिक की मौत हो गई जबकि चार जवान घायल हो गए।

अधिकारी ने बताया कि आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकियों के हमले में मारे गए ड्राइवर की पहचान कर ली गई है। उसका नाम नजीर अहमद है जो शोपियां के कचडूरा गांव का रहने वाला है।
उधर दिल्ली में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सेना का ऑपरेशन घाटी के हालात को नियंत्रित करने के लिये किया गया है। सेना प्रमुख ने बताया कि जिस तरह से घाटी में बैंक में लूटे जा रहे हैं और पुलिस के जवानों पर हमले हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में घाटी को नियंत्रित करने के लिए ऐसे ऑपरेशन अब हमेशा होते रहेंगे।

अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, सेना के अफसर ने बताया कि पिछले 15 साल में कश्मीर में ऐसा कॉर्डेोन ऑपरेशन ( चारों से से कार्रवाई अभियान) नहीं हुआ। ऐसा करने के पीछे आतंकियों को उनके नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं होने देना है और उन्हें उनके कंफर्ट जोन से बाहर निकालना है। शोपियां में रमबी आरा नदी के आसपास पर किले और बगीचे आतंकियों के छुपने के सबसे आदर्श ठिकाने हैं। इस ऑपरेशन के बाद अब वे यहां एक जुट नहीं हो पाएंगे और बड़े समूहों में आगे नहीं बढ़ पाएंगे।
सूत्रों की मानें तो इस ऑपरेशन में लगभग 4000 जवान लगाए गए हैं। जिसमें राष्ट्रीय रायफल्स के 4 बटालियन, सीआरपीएफ के 8, जम्मू-कश्मीर पुलिस के 5 प्लैटून्स, और भारतीय रिजर्व पुलिस के अलावा 30 महिला कांस्टेबल्स को भी उतारा गया है।
बुधवार से शुरू हुए इस ऑपरेशन के तहत इन जवानों ने गुरुवार को करीब 20 गांवों को खाली कराया और तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान 10 किलोमीटर के क्षेत्र को चारो तरह से घेर लिया गया था। एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि जवानों ने खासकर उन गांवों की तलाशी ली जहां से कुछ युवाओं ने संदिग्ध रुप से आतंकियों के संगठन में शामिल हुए हैं। इन गांवों में खासकर सुगन, तुर्कवंगम, हेफ्फ और श्रीमल शामिल हैं। इसके अलावा कुछ घरों पर हेलिकॉप्टर और ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है।
हालांकि तलाशी के दौरान स्थानीय बाशिंदों ने पहले की तरह ही सुरक्षाबलों पर पत्थर बरसाए। इस टकराव में घायल हुए दर्जनों लोगों को श्रीनगर के अस्पताल ले जाया। घायलों में तुर्क वंगम का 20 साल का शाहिद अहमद और सुगन गांव का 15 वर्षीय बिलाल अहमद डार भी शामिल है। इनकी आंखों में पेलेट गन की वजह से चोटें आई हैं।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस और सेना को जवानों को सूचना मिली थी कि इस क्षेत्र में आतंकी छिपे हुए हैं और इसमें वे आतंकी भी शामिल हैं जो जम्मू-कश्मीर बैंक लूटने में शामिल हैं और जेके पुलिस के जवान व गार्ड को गोली मारी थी। सूत्र ने बताया कि इस क्षेत्र में आतंकी उमर मजीद छिपा है। मजीद ने ही इस हमले को अंजाम दिया था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सेना का तलाशी अभियान दक्षिण कश्मीर में शोपियां के सेब के बगीचों में भी किया गया। बताया जाता है कि आतंकियों ने इस बगीचे से ही वीडियो बना सोशल मीडिया पर वायरल किया था।

सेना के मुताबिक दक्षिण कश्मीर में लगभग 100 आतंकी सक्रिय हैं और इसमें से 80 स्थानीय लड़कें हैं जो पिछेल दो साल में आतंकी वारदातों में शामिल हैं। गुरुवार को सेना के अभियान में शामिल हुए एक अधिकारी ने बताया कि यह अभियान आतंकियों के लिए एक संकेत है कि अब वे निशाने पर ले लिये जाएंगे।

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