केंद्र सरकार की परियोजनाओं को लटका रही है आप

 

केंद्र सरकार दिल्ली में योजनाओं को आगे बढ़ाने पर दिल्ली के लिए योजनाएं स्वीकार कर रही है। स्टेट एनुअल एक्शन प्लान (एसएएपी) के तहत इन योजनाओं को स्वीकार किया गया है और इसके लिए केंद्र ने धनराशि भी जारी की है। इन योजनाओं में पानी, सीवर व स्ट्रीट लाइट समेत ऐसी योजनाएं जो सीधे आम आदमी की सेवाओं को प्रभावित करती है। लेकिन ये योजनाएं लागू नहीं होने दी जा रही है। इस प्लान के तहत 19 परियोजनाओं को स्वीकृत किया गया है।

इस योजना के तहत सांसदों की मदद से दिल्ली के विकास कार्यो को कराया जाता है। इस मद में पैसा केंद्र सरकार जारी करती है और दिल्ली सरकार को इसे लागू करना होता है। भाजपा द्वारा जारी किए गए कागजों में साफ है कि 2015-17 के दौरान इन प्लान में कुल 6 योजनाओं को स्वीकार किया गया। इन योजनाओं के लिए 223.7 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके बाद भी इन योजनाओं पर काम नहीं हुआ है।

अमृत योजनाएं पर भी नहीं हुआ काम : इसके अतिरिक्त दिल्ली के लिए अमृत (एएमआरयूटी) के तहत भी केंद्र सरकार ने पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवर सुधार की योजनाओं को स्वीकार किया था। ऐसी करीब 10 परियोजनाएं है। जिन पर 265 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च होनी है। इन योजनाओं पर भी काम नहीं होने से आम जनता को परेशानी हो रही है। इसके तहत केन्द्र सरकार ने सोनिया विहार, करावल नगर, राजीव नगर एवं श्रीराम कालोनी, बुद्ध विहार, रिठाला, भलस्वा, रोहिणी, ओखला, राजघाट से ग्रेटर कैलाश, पल्ला और शाहदरा क्षेत्रों के लिए नई पानी एवं सीवर लाइने डालने, पुरानी लाइनों के नवीकरण करने, फीडर लाइनें डालने, स्कूलों एवं समुदाय भवनों के शौचालयों के पुनर्विकास के कार्य की योजना बनाई है।

क्या बोले नेता
केजरीवाल सरकार ने केन्द्र द्वारा उपलब्ध साधनों को रोक दिल्ली की जनता के साथ वश्विासघात किया है। ऐसा लगता है कि अरविंद केजरीवाल को केवल वे ही संस्था स्वतंत्र लगती है जो उनकी अराजक बातों का समर्थन करे और वही चुनाव स्वतंत्र होता है जिसमें उनको विजय मिले -डॉ. उदित राज, सांसद

केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली के विकास के लिए पैसा देती रही और दिल्ली की जनता को उसके लाभ से वंचित करते रहे। दिल्ली सरकार की कोताही से मेट्रो रेल का चौथा चरण विस्तार दो वर्ष से अधिक पिछड़ा है। -कुलजीत सिंह चहल, भाजपा नेता

ये है अहम काम

मेट्रो की योजना होगी धीमी
मेट्रो के चौथा चरण के विस्तार की योजना 7 अक्टूबर, 2014 को दिल्ली सरकार को सौंपी थी। जिसकी स्वीकृति फरवरी, 2015 में बनी केजरीवाल सरकार को अपनी पहली केबिनेट बैठक में दे देनी चाहिये थी पर सरकार ने उसे 21 जून, 2016 तक रोका। दबाव के बाद दल्लिी सरकार ने 12 जनवरी, 2017 को दी वह भी अधूरी। इस स्वीकृति में भी 50 प्रतिशत पैसा देने की बात कही गई। ऐरो सिटी से तुगलकाबाद, लाजपत नगर से साकेत, इन्द्रलोक से इन्द्रप्रस्थ, जनकपुरी से आर के आश्रम, मुकुन्दपुर से मौजपुर एवं रिठाला से बवाना-नरेला के बीच चलने वाले इन रूटों के पूर्ण होने पर दिल्ली को लगभग 103.93 किलो मीटर अतिरक्ति मेट्रो नेटवर्क मिलना है।

नहीं किया शौचालय निर्माण का कार्य
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत केन्द्र सरकार ने शौचालयों के निर्माण के लिए 29.97 करोड़ रूपये जारी किये। योजना के तहत सरकार को 11,128 शौचालयों के निर्माण के आवेदन मिले पर आज तक केवल 22 शौचालयों के नर्मिाण का कार्य प्रारम्भ हुआ है। ठोस कचरा प्रबंधन के लिए केन्द्र ने 63.11 करोड़ रूपये जारी किये हैं और 200 करोड़ रूपये की निधि लंबित है।

रूक गया है विकास कार्य
दिल्ली सरकार ने 188 करोड़ के महिपालपुर में फ्लाईओवर अंडरपास का काम, 437 करोड़ का नरेला फ्लाई ओवर-आर.ओ.बी. का कार्य के अलावा आई.एस.बी.टी. कश्मीरी गेट पर 18.68 करोड़ का विकास कार्य को लंबित कर रही है। इन योजनाओं के लिए पैसा केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जाने के बावजूद यह कार्य लंबित रखा जा रहा है।

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